सरयू नदी का रहस्य: भगवान विष्णु के अश्रुओं से हुई उत्पत्ति?
सरयू नदी का रहस्य: क्या सचमुच भगवान विष्णु के नेत्रों से हुई थी इसकी उत्पत्ति? प्रस्तावना भारत की पावन नदियों में सरयू नदी का विशेष स्थान है। यह केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, श्रद्धा और भगवान श्रीराम की स्मृतियों का जीवंत प्रतीक है। अयोध्या नगरी की पहचान सरयू नदी से ही है। रामायण और पुराणों में सरयू का अनेक स्थानों पर उल्लेख मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सरयू नदी की उत्पत्ति स्वयं भगवान विष्णु के नेत्रों से हुई थी। यही कारण है कि इसे अत्यंत पवित्र और मोक्षदायिनी माना जाता है। सरयू नदी की पौराणिक उत्पत्ति पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार एक समय भगवान विष्णु ने आनंद और करुणा से भरकर अश्रु बहाए। ब्रह्माजी ने उन दिव्य अश्रुओं को व्यर्थ न जाने देकर मानसरोवर में सुरक्षित रखा। बाद में अयोध्या के प्रथम राजा वैवस्वत मनु ने पृथ्वी के कल्याण के लिए कठोर तपस्या की। उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर महर्षि वशिष्ठ ने उस दिव्य जल को मानसरोवर से पृथ्वी पर प्रवाहित कराया। चूंकि यह जल 'सर' अर्थात झील से निकला था, इसलिए इसका नाम 'सरयू' पड़ा। अयोध्या और सर...